Saiyaara Review: सादगी में छुपा जादू, क्यों मिली 3.5 स्टार्स?
2025 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल ‘Saiyaara’ आखिरकार रिलीज हो गई है। ट्रेलर ने दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ा दी थीं, लेकिन फिल्म देखने के बाद कई लोग कहानी की सादगी को लेकर थोड़े निराश हुए। फिर भी, इसे 3.5 स्टार्स मिले हैं – आइए जानें ऐसा क्यों।
कहानी की झलक
‘Saiyaara’ एक युवा लड़की की कहानी है, जो अपने टूटे रिश्तों से बाहर निकलकर खुद को खोजने की यात्रा पर है। कहानी सीधी-सादी और अनुमानित है – कोई बड़ा ट्विस्ट या सस्पेंस नहीं, लेकिन इसका इमोशनल ट्रीटमेंट दिल को छू जाता है।
अदाकारी
रिया मेहरा ने लीड रोल में शानदार अभिनय किया है। उनकी आंखों में दिखता दर्द और उनकी यात्रा दर्शकों को बांधे रखती है। अनुराग मल्होत्रा और निशा राणा जैसे सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी ईमानदारी से अपना किरदार निभाया, भले स्क्रिप्ट में उनके लिए ज्यादा स्कोप नहीं था।
डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी
पहली बार डायरेक्ट कर रहे अर्जुन गोस्वामी ने इमोशनल सीन्स पर अच्छी पकड़ दिखाई है। सिनेमैटोग्राफी खासकर पहाड़ी लोकेशन्स में कमाल की है, जहां नेचुरल लाइट और रंगों का संतुलन फिल्म को विजुअल ट्रीट बना देता है।
म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म का म्यूजिक इसकी आत्मा है। टाइटल सॉन्ग “Saiyaara” पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। बैकग्राउंड स्कोर सिंपल होते हुए भी इमोशन्स को गहराई देता है।
कमजोर पहलू
- कहानी में नयापन नहीं है।
- सेकेंड हाफ में रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
- क्लाइमेक्स में इमोशनल प्रभाव उतना नहीं बन पाता जितनी उम्मीद थी।
क्यों मिली 3.5 स्टार्स?
भले फिल्म में कोई नई बात या चौंकाने वाला मोड़ न हो, लेकिन इसकी सरलता और इमोशनल सच्चाई इसे खास बनाती है। आज के दौर में जहां फिल्में अक्सर VFX और बड़े ड्रामे पर टिकी होती हैं, ‘Saiyaara’ रियल और रिलेटेबल स्टोरी देकर दिल जीत लेती है।
देखें या छोड़ें?
अगर आप सस्पेंस, थ्रिल या ट्विस्ट्स की तलाश में हैं, तो यह फिल्म आपके लिए नहीं। लेकिन अगर आपको धीमी, भावनात्मक और जीवन से जुड़ी कहानियां पसंद हैं, तो ‘Saiyaara’ जरूर देखनी चाहिए।
निष्कर्ष
‘Saiyaara’ कोई सिनेमाई चमत्कार नहीं, बल्कि एक भावनात्मक सफर है। इसकी जीत इसकी सादगी और ईमानदारी में छुपी है, जो दर्शकों के दिलों तक पहुंचने में सफल होती है।
