Imli ka Achar Recipe: स्वादिष्ट इमली का अचार जो हर खाने को खास बनाए
अचार का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। जहां ज्यादातर घरों में आम का अचार लोकप्रिय है, वहीं इमली का अचार एक अलग ही स्वाद और अनुभव देता है। इसका खट्टा-मीठा और चटपटा स्वाद दाल-चावल, रोटी-सब्जी या स्नैक्स के साथ खाने का मज़ा दोगुना कर देता है।
क्यों चुनें इमली का अचार?
इमली भारतीय रसोई में सदियों से चटनी, सांभर, पानीपुरी के पानी जैसी चीज़ों में इस्तेमाल होती आई है। लेकिन इमली का अचार एक अनोखा स्वाद है, जो खासकर दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में मशहूर है और अब उत्तर भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है।
सामग्री (Ingredients)
- इमली – 250 ग्राम (गुठलियां निकालकर)
- सरसों का तेल – 1/2 कप
- हींग – 1/4 छोटा चम्मच
- मेथी दाना – 1 बड़ा चम्मच (भूना और पिसा हुआ)
- सौंफ – 1 बड़ा चम्मच
- हल्दी – 1 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – 1 बड़ा चम्मच
- गुड़ – 100 ग्राम (कद्दूकस किया हुआ)
- नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि
- इमली को हल्के गर्म पानी में भिगोकर 1 घंटे रखें, फिर गूदा निकालकर पानी निचोड़ लें।
- कढ़ाही में सरसों का तेल गर्म करें, हल्का ठंडा करके हींग डालें।
- सौंफ, मेथी, हल्दी और लाल मिर्च डालकर भूनें।
- इमली का गूदा डालकर अच्छी तरह मिलाएं और पकाएं।
- नमक और गुड़ मिलाकर धीमी आंच पर पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए और तेल ऊपर तैरने लगे।
- ठंडा करके कांच के जार में भरें और 2-3 दिन धूप में रखें।
सेहत के फायदे
- इमली पाचन को बेहतर बनाती है और भूख बढ़ाती है।
- एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार।
- गुड़ के साथ मिलकर खून साफ करने में सहायक।
कैसे परोसें?
इमली का अचार पराठे, रोटी, दाल-चावल, खिचड़ी और स्नैक्स जैसे मठरी या नमकीन के साथ परोसें। इसका तीखा-खट्टा स्वाद हर खाने को खास बना देता है।
स्टोरेज टिप्स
- हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें।
- अचार को कांच के जार में स्टोर करें।
- हर 15-20 दिन में धूप दिखाएं ताकि ज्यादा दिन टिके।
निष्कर्ष
इमली का अचार सिर्फ एक रेसिपी नहीं, बल्कि भारतीय रसोई की एक अनमोल धरोहर है, जो हर निवाले में स्वाद और यादों का तड़का लगाता है। अगली बार जब अचार बनाने का मन हो, तो आम के बजाय इमली को आजमाएं – यह स्वाद आपके खाने को और भी खास बना देगा।
